sathish punia says Regulation and order preserve not precedence for gehlot authorities


राजस्थान (Rajasthan) में लगातार बिगड़ रही कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार (Gehlot Authorities) पर करारा हमला बोला है. आरक्षण के मुद्दे पर दुर्गापुरा में आदिवासी समुदाय (Tribal Neighborhood)  द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने रविवार को गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था (Regulation & Order) को बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता नहीं है.

सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दक्षिणी राजस्थान में पिछले तीन-चार दिनों से आदिवासी समुदाय (Tribal Neighborhood)  द्वारा किया जा रहा विरोध-प्रदर्शन बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इससे एक बात तो साफ है कि, राजस्थान सरकार किसी भी परिस्थिति को संभालने में सक्षम नहीं है. राज्य सरकार कह रही है कि बाहरी लोग राज्य में अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं, इससे यह तो साफ है कि गहलोत सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बनाए रखना नहीं है.

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आदिवासी समुदाय कर रहा हिंसक विरोध-प्रदर्शन

गुरुवार को आदिवासी प्रदर्शनकारियों ने दुर्गापुरा (Durga Pura) के पास नेशनल हाईवे-Eight को जाम कर दिया और पुलिस पर पत्थर फेंके. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित 2018 से खाली पड़े 1,167 पदों पर उनके समुदाय के उम्मीदवारों की भर्ती की जाए, क्यों कि योग्य उम्मीदवार न होने की वजह से ये पद खाली पड़े हैं.

आदिवासी प्रदर्शनकारियों ने रविवार को राजस्थान के मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया, एमएलए दयाराम परमार और दूसरे नेताओं से मुलाकात की, इस दौरान उन्होंने आरक्षित सीटों पर उनके समुदाय के लोगों की भर्ती की मांग की. राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए रेपिड एक्शन फोर्स (RAF) और आरएसी (RAC) की छह कंपनियों को दुर्गापुरा भेजा गया है. डीजीपी ने कहा कि उदयपुर और दुर्गापुर में प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा मामले में अब तक 24 केस दर्ज किए जा चुके हैं.

‘ऑटो पायलट’ मोड़ में गहलोत सरकार- बीजेपी

कांग्रेस (Congress) एमएलए दयाराम परमार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के बाद नेशनल हाईवे को फिर से खोल दिया गया है. वहीं बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा था कि राजस्थान सरकार ऑटो पायलट मोड में है, और दुर्गापुरा में बिगड़ते हालातों से सरकार की नामाकी साफ पता चल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नौकरी के लिए अब तक एक भी जगह नहीं निकाली है और जो जगह बीजेपी ने पहले निकाली थी, उनको भी अभी तक नहीं भरा गया है. इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान सरकार को युवाओं से बात करने और मामले को जल्द खत्म करने की नसीहत दी.

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बतादें कि आदिवासी समुदाय सरकारी स्कूल में शिक्षकों की भर्ती को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहा है. इस हिंसक प्रदर्शन में कई मौतें हो गईं, वहीं एक शख्स घायल हुआ है. यह हिंसा गुरुवार को शुरू हुई, जब 2018 के पात्रता परीक्षा उम्मीदवारों ने उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे बंद कर दिया, पुलिस पर पत्थर फेंके और आगजनी भी की.



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