Rajasthan Disaster LIVE: कैबिनेट बैठक खत्म, विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव फिर पास | jaipur – Information in Hindi


जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में सियासी घमासान तेज हो गया है. हाईकोर्ट (Excessive Courtroom) से सचिन पायलट को राहत मिलने के बाद गहलोत खेमे में हलचल तेज हो गई है. विधानसभा का सत्र बुलाकर शक्ति परीक्षण कराने की मांग पर अड़े सीएम गहलोत ने आज फिर दोपहर 12.30 बजे विधायकों के साथ बैठक की. दरअसल, राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने विधानसभा सत्र को लेकर सत्तापक्ष से कुछ सवाल किए हैं. राज्यपाल की तरफ से पूछे गए छह बिन्दुओं पर गहलोत कैबिनेट में देर रात तक मंथन चलता रहा. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल आज ही जवाब राज्यपाल को भिजवाएगी. वहीं कैबिनेट की बैठक का समय बदला गया है. जिसमें अब कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है.सीएम अशोक गहलोत ने साफ कहा है कि जरूरी पड़ी तो राष्ट्रपति से भी चर्चा की जा सकती है.

वहीं, कांग्रेस के सियासी तेवर देखते हुए अब सूबे में बीजेपी भी एक्टिव हो गई है. प्रतिनिधिमंडल आज शाम राज्यपाल से मुलाकात करने वाला है. जानकारी के मुताबिक, राज्य में कोरोना की स्थिति को लेकर राज्यपाल से भारतीय जनता पार्टी राजस्थान का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां और नेता प्रतिपक्ष  गुलाब चंद कटारिया की अगुआई में आज शाम 5 बजे राजभवन में मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल में जयपुर में मौजूद सभी प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे.

सीएम गहलोत ने लगाया बड़ा आरोप

सीएम अशोक गहलोत ने कहा, हमने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है. विधानसभा में हम बहुमत सिद्ध करेंगे. कोरोना पर चर्चा भी करेंगे. हमने गुरुवार रात को ही राज्यपाल से सत्र को लेकर निवेदन किया था. आज हमने फिर कहा है कि राज्यपाल सत्र बुलाने पर फैसला करें. उन्होंने कहा कि राज्यपाल को बोल्ड डिसीजन लेना चाहिए. उम्मीद करते हैं कि जल्दी राज्यपाल अपना फैसला सुनाएंगे. फैसला आने तक हम धरना देंगे. उन्होंने कहा हमेशा विपक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करता है. यहां सत्ता पक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहा है. ऐसा क्या षड्यंत्र है कि विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. वहीं, राजभवन घेराव बयान पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा, यह बयान राजनीतिक बयान था. भैरोंसिंह शेखावत ने भी राजभवन में धरना दिया था. बीजेपी के नए नेताओं को इसकी जानकारी नहीं होगी.राज्यपाल का सवाल- विधानसभा में शक्ति परीक्षण की जरूरत क्यों
वहीं विधानसभा सत्र आहुत करने की अशोक गहलोत की मांग पर राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor Kalraj Mishra) ने राज्य सरकार से 6 बिंदुओं पर जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को कब से बुलाया जाना है इसका जिक्र कैबिनेट नोट में नहीं है और न ही कैबिनेट द्वारा कोई स्वीकृति दी गई है. इसमें यह भी कहा गया है कि ‘अगर राज्य सरकार के पास बहुमत है तो विश्वास मत प्राप्त करने के लिए सत्र क्यों बुलाया जा रहा है?’

बीजेपी ने बताया पॉलिटिकल ड्रामा

इधर, कांग्रेस की पूरी कवायद को बीजेपी ने पॉलिटिकल ड्रामा करार दिया है. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री में जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वो नैतिकता और पद के आधार पर नहीं बोली जा सकती. उन्होंने जनता को उकसाने का काम किया है. पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने आपराधिक कृत्य किया है. राजभवन में धरने का नाटक चल रहा है. हाउस का फ्लोर हो तय करेगा कि सरकार के पास बहुमत है या नहीं. वहीं, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजभवन का दृश्य अमरूदों का बाग जैसा हो गया है. संविधान के प्रावधानों के प्रतिकूल है जल्द सत्र बुलाने की मांग. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते परीक्षाएं तक स्थगित हो गई हैं. आखिर इतनी बौखलाहट क्यों?

सचिन पायलट का आरोपों से इनकार

इधर, सचिन पायलट (Sachin Pilot)  ग्रुप का दावा है कि हमारे ऊपर केन्द्र को पार्टी बनाने का आरोप गलत है. ये आपत्ति महेश जोशी के वकील ने कोर्ट में दर्ज की थी कि ये संविधान में बदलाव का मामला है. यदि इसमें केन्द्र पार्टी नहीं है तो याचिका डिफेक्टिव है, इसलिए हमें केंद्र को पार्टी बनाना पड़ा बार-बार केंद्र और बीजेपी के साथ नाम जोड़कर हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. हमारा बीजेपी से कोई संबंध नहीं, हम कांग्रेस में हैं और रहेंगे.

राजभवन के बाहर विधायकों की नारेबाजी

सीएम गहलोत का दावा: हमारे पास स्पष्ठ बहुमत

सीएम गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी राज्यपाल से फोन पर बात की है. उन्होंने कहा कि सोमवार से हम विधानसभा सत्र चाहते हैं. हरियाणा में मौजूद विधायकों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह का दबाव उन पर पड़ रहा है? किस कारण से रोका गया?  हमारे पास स्पष्ठ बहुमत है… हमारे साथी बीजेपी की देखरेख में बंधक है, जोकि वहां से छूटना चाहते हैं. कईयों की आँखों में आंसू आ रहे हैं, वो वापस आना चाहते है.





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