Jaipur: कोविड काल में बढ़ सकती हैं मुश्किलें, आंदोलन की ओर बढ़ रहे हैं नाराज रेजिडेंट डॉक्टर्स | jaipur – Information in Hindi


मांगें नहीं माने जाने से जयपुर में रेजिडेंट डॉक्टर्स (Resident docs) नाराज हैं. इसके लिये वे गत तीन दिनों से अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध प्रदर्शन (Demonstration) कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो मजबूरन उन्हें आंदोलन तेज करना पड़ेगा.

जयपुर. प्रदेश में लगातार फैलते संक्रमण के बीच राजधानी जयपुर (Jaipur) में आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवायें प्रभावित सकती हैं. इसकी वजह है मांगें पूरी नहीं होने से नाराज चल रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स (Resident docs). पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स सक्रिय हो रहे हैं. 2 दिन तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने वाले रेजिडेंट डॉक्टर्स अब धीरे-धीरे आंदोलन (Motion) की ओर बढ़ रहे हैं. रेजिडेंट डॉक्टर्स ने चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उन्हें आंदोलन को और तेज करना पड़ेगा. उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

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अब तक यूं किया है विरोध प्रदर्शन
अपनी मांगें पूरी नहीं होने से नाराज रेजिडेंट डॉक्टर्स ने गत 19 व 20 सितंबर को काली पट्टी बांधकर कार्य किया. उसके बाद 21 सितंबर को सुबह Eight से 10 बजे तक 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया. फिर भी सुनवाई नहीं होने पर 21 सितंबर को रात 8.30 बजे गेट मीटिंग आयोजित कर आगे की रणनीति तय की. इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर्स की सरकार के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही. उसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर ने आज फिर सुबह Eight से 10 बजे तक 2 घंटे कार्य बहिष्कार किया.अभी तक कोई भी लिखित कार्रवाई नहीं की गई है

जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (JARD) के अध्यक्ष डॉ. अशोक विश्नोई ने बताया कि ने बताया कि राज्य सरकार से रेजिडेंट डॉक्टर मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद सरकार की ओर से अभी तक कोई भी लिखित कार्रवाई नहीं की गई है. JARD की जनरल बॉडी मीटिंग में रेजिडेंट डॉक्टर्स के हितों को लेकर चर्चा हुई. मीटिंग के बाद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा को प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी के जरिए ज्ञापन दिया गया है. यदि सरकार फिर भी कोई ध्यान नहीं देगी तो रेजिडेंट डॉक्टर्स को आंदोलन को और तेज करना होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. रेजिडेंट डॉक्टर ने कार्य बहिष्कार के दौरान RUHS की ड्यूटी, इमरजेंसी और ICU की सेवाएं सुचारू रखने की बात कही है.

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रेजिडेंट डॉक्टर्स की ये हैं प्रमुख मांगें
– पॉजिटिव आए रेजिडेंट डॉक्टर्स के लिए रहने की व्यवस्था की जाये.

– रेजिडेंट डॉक्टर के लिए दवा और जांचें तत्काल और फ्री की जाये.
– खाने पीने की शुद्ध एवं उचित व्यवस्था की जाये.
– IDH में आईसीयू वेंटीलेटर के 50 फीसदी बेड डॉक्टर्स के लिए रखे जायें.
– एनेस्थीसिया और मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट पर वर्क लोड ज्यादा है. वहां अन्य रेजिडेंट डॉक्टर्स को जोड़कर वर्क लोड कम किया जाये.
– ड्यूटी कर रहे हैं स्वास्थ्यकर्मियों को कोविड-19 इन्सेंटिव दिया जाये.





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