स्टाम्प ड्यूटी सरचार्ज का 50 प्रतिशत पैसा गायों के संरक्षण पर खर्च करेगी गहलोत सरकार | jaipur – Information in Hindi


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने सोमवार को कृषि से जुड़े छह विभागों की एक साथ समीक्षा बैठक करने के बाद यह निर्णय लिया. पिछले दिनों प्रदेश भर के गौशाला संचालकों, गौवंश प्रेमियों द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इसकी मांग की गई थी

जयपुर. राजस्थान सरकार (Rajasthan Authorities) ने स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Obligation) पर लगने वाले 20 फीसदी सरचार्ज का 50 प्रतिशत पैसा गौसंरक्षण पर खर्च करने का फैसला किया है. इस सरचार्ज का 50 फीसदी पैसा गौशालाओं को अनुदान के रूप में दिया जाएगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने सोमवार को कृषि से जुड़े छह विभागों की एक साथ समीक्षा बैठक करने के बाद यह निर्णय लिया.

दरअसल पिछले दिनों प्रदेश भर के गौशाला संचालकों, गौवंश प्रेमियों द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इसकी मांग की गई थी. पहले गायों के संरक्षण और गौवंश के संवर्धन के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर 10 प्रतिशत सरचार्ज था जिसे कोरोना संकट के बाद बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है.

फसल बीमा के लिए राज्यांश के 250 करोड़ रुपए देने की मंजूरी  सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम के रूप में बीमा कंपनियों को देय राज्यांश के लिए 250 करोड़ रुपए का भुगतान राज्य सरकार द्वारा गठित कृषक कल्याण कोष से करने का निर्णय लिया है. साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिग्गी निर्माण के बकाया दायित्वों के भुगतान के लिए कृषक कल्याण कोष से 92.2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. इन स्वीकृतियों के बाद फसल बीमा कंपनियों को प्रीमियम और किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए अनुदान का भुगतान जल्द से जल्द हो सकेगा.

खेती को लाभ का विषय बनाने के लिए प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर नवाचार  

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर नवाचार करें. सरकार के लिए कृषि उच्च प्राथमिकता का विषय  है. सीएम गहलोत ने एमएसपी (MSP) पर खरीद का कवरेज बढ़ाने, फसल बीमा योजना को तर्कसंगत बनाने, कम पानी वाली फसलों और बूंद-बूंद सिंचाई और फव्वारा सिंचाई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के तहत ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग के लिए किसान पोर्टल के माध्यम से किसानों को ऑनलाइन सुविधाएं मिलेंगी.

बैठक के बाद कृषि विभाग के प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही राज किसान पोर्टल तैयार किया जाएगा. राज्य बजट में घोषित ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग के क्रम में  विभिन्न योजनाओं और अनुदानों का लाभ लेने के लिए प्रदेश के किसान इस पोर्टल के माध्यम ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इससे योजनाओं का लाभ लेने में किसानों को आ रही परेशानियों का त्वरित और पारदर्शी समाधान हो सकेगा.





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