विंग कमांडर अभिनंदन से प्रेरित होकर शेखावाटी के लाल रतन ने रखी मूंछे, मां को होली पर आने का किया था वादा

 

सीकर. शेखावाटी के लाल रतन ने विंग कमांडर अभिनंदन से प्रेरित होकर ही उसी स्टाइल में मूछें रखी थी। उसने दो दिन पहले ही मां से फोन कर होली पर आने का वादा था। दो महीने पहले ही वह गांव में आया था। तब उसने युवाओं से देश पर मर मिटने की जज्बे की बात कहीं थी। दिल्ली के गोकुलपुरी में सीएए के विरोध में रतनलाल की मौत हो गई। वे रामगढ़ शेखावाटी के तिहावली गांव के रहने वाले थे और 1998 में दिल्ली पुलिस में भतीज़् हुए थे। रतनलाल की मौत के समाचार मिलते ही तिहावली गांव में सन्नाटा पसर गया। गांव में रतनलाल की मां संतरा देवी (70) व छोटा भाई दिनेश परिवार के साथ रहते है। भाई मंडावा में गाड़ी चलाता है और गांव में खेती करते है। उनका एक भाई रमाकांत बैंगलोर में काम करता है। उनके पिता बृजमोहन की ढ़ाई साल पहले ही मौत हुई थी। रतन ने दो दिन पहले ही मां संतरा व भाई दिनेश से फोन पर बात की थी। उसने मां से कुशलक्षेम पूछी थी। रतन ने इस बार होली पर गांव आने का वादा किया था, लेकिन बेबस मां को क्या पता था कि उसकी बेटे से आखिरी बार बात हो रही है। घटना का पता लगते ही पूरा परिवार सदमे में है, हालांकि मां को घटना के बारे में नहीं बताया गया। वे दिल्ली के गोकुलपुरी एसीपी कायाज़्लय में हैडकांस्टेबल के पद पर कायज़्रत थे। सोमवार को प्रदशज़्न के दौरान वे पुलिस जाप्ते में थे। उपद्रव के दौरान पथराव में सिर पर पत्थर लगने से वे चोटिल हो गए। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। वे दिल्ली के बुराड़ी इलाके में अमृत विहार में पत्नी पूनम, दोनों बेटी और एक बेटे के साथ ही रहते थे। पूनम को हादसे की खबर टीवी पर ही पता लगी। हादसे का समाचार मिलते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ी। दोनों बेटी व बेटा दिल्ली में ही पढ़ाई करते है।

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