राजस्थान: पिछले डेढ़ साल से अटकी RAS भर्ती-2018 का रास्ता हुआ साफ, हाईकोर्ट ने हटाई रोक | jaipur – Information in Hindi


राजस्थान: पिछले डेढ़ साल से अटकी RAS भर्ती-2018 का रास्ता हुआ साफ, हाईकोर्ट ने हटाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने आरएएस भर्ती-2108 पर लगाई रोक हटा ली है.

प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए हजारों अभ्यर्थियों (Candidates) के लिए ये अच्छी खबर आई. पिछले करीब एक साल से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के परिणाम (Outcomes) का इंतजार कर रहे थे.

जयपुर. लंबे समय के बाद आखिरकार आरएएस भर्ती-2018 (RAS Recruitment-2018) का रास्ता साफ हो गया है. मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan Excessive court docket) ने भर्ती परीक्षा पर लगाई गई अपनी रोक को हटा लिया. अब आरपीएससी आरएएस मैन्स की परीक्षा का परिणाम जारी कर पाएगी. जस्टिस अशोक गौड़ की अदालत ने यह रोक आरपीएससी और सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हटाई.

हाईकोर्ट ने यह रोक सुरघन सिंह, अनुराग चौधरी व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 1 दिसम्बर 2018 को लगाई थी. याचिकाओं में कहा गया था कि प्री एग्ज़ाम में उनकी कटऑफ जनरल से ज्यादा और उनकी कैटेगिरी ओबीसी से कम है. लेकिन उसके बावजूद आरपीएससी उन्हें मैन्स एग्ज़ाम में बैठने की अनुमति नहीं दे रही है. इस पर कोर्ट ने आरपीएससी को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ताओं को मुख्य परीक्षा में शामिल किया जाए. वहीं कोर्ट की इजाज़त के बिना मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित ना करें.

हजारों अभ्यर्थियों की जगी उम्मीदें 

प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए हजारों अभ्यर्थियों के लिए हाईकोर्ट से यह अच्छी खबर आई. पिछले करीब एक साल से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे थे. आरपीएससी ने 2 अप्रैल 2018 में करीब 980 पदों के लिए भर्ती निकाली थी. 5 अगस्त 2018 को प्री एग्ज़ाम हुआ. जिसका परिणाम 23 अक्टूबर 2018 को जारी हुआ. ओबीसी के अभ्यर्थियों की कटऑफ जनरल से ज्यादा जाने पर इस वर्ग के कई अभ्यर्थियों को आरपीएससी ने मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं किया था. जिसके चलते भर्ती कोर्ट में अटक गई. हाईकोर्ट ने इन याचिकाकर्ताओं को मुख्य परीक्षा में शामिल करते हए परीक्षा आयोजित करने का आदेश तो दिया, लेकिन परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी. इसके बाद आरपीएससी ने 25 व 26 जून 2019 को मुख्य परीक्षा आयोजित करवाई. लेकिन उसके बाद पिछले एक साल से परीक्षा देने वाले करीब 18 हजार अभ्यर्थी परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे थे. अब इनका इंतजार जल्द खत्म होगा.सरकार ने नियमों में किया संशोधन

दरअसल मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एमएस सिंघवी ने कहा कि सरकार ने राजस्थान स्टेट एंड सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज रूल्स-1999 के नियम 15 में संशोधन कर दिया है. जिससे इस भर्ती और आने वाले समय में अन्य भर्तियों में प्री एग्ज़ाम के परिणाम में कुल पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा. जिससे हर वर्ग का प्रतिनिधित्व बराबर हो. पहले हर वर्ग में 15 गुना अभ्यर्थी बुलाए जाते थे. जिससे किसी वर्ग की जनरल से ज्यादा कटऑफ जाने पर उस कैटेगिरी के अभ्यर्थी दौड़ से बाहर हो जाते थे. राज्य सरकार की इस अंडर टैकिंग से संतुष्ट होकर जस्टिस अशोक गौड़ की अदालत ने सभी याचिकाओं को निस्तारित करते हुए परिणाम जारी करने पर लगी रोक को हटा लिया. अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी और अधिवक्ता शोवित झाझड़ियां ने पैरवी की.

 

First printed: June 30, 2020, 8:31 PM IST





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