अब ये क्या हो गया? अयोध्या में भूमि पूजन से पहले कमलनाथ के घर सजेगा राम दरबार, हनुमान चालीसा का पाठ भी होगा


नई दिल्ली। एक समय था कि जब देश में कांग्रेस की सरकार थी और उस सरकार ने भगवान राम के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर दिया था और आज का एक समय है कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिे भूमि पूजन होने जा रहा है। इस भूमि पूजन में श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। बीते दिनों में कांग्रेसी की भी विचारधारा राम के प्रति बदली है।

Kamalnath

कमलनाथ हों या दिग्विजय सिंह, सबने राम मंदिर के निर्माण को सही बताया है। अब कमलनाथ तो एक कदम आगे निकल गए हैं। राम मंदिर निर्माण को कैश करा रही बीजेपी को जवाब देने के लिए एमपी कांग्रेस ने भी हिंदुत्व कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाए जाने की शुरुआत का स्वागत करते हुए खुद को रामभक्त बताने की कोशिश की। और अब पीएम मोदी की मौजूदगी में होने वाले भूमि पूजन के कार्यक्रम से पहले कमलनाथ ने घर पर राम दरबार सजाने की तैयारी कर ली है।

four अगस्त को कमलनाथ के सरकारी निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा जाएगा,  जिसमें कमलनाथ और कांग्रेस के कुछ नेता शामिल रहेंगे। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को भी इस बात की सलाह दी है कि वह four अगस्त की शाम को घर में रहते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें। और प्रदेश के विकास और कोरोना से मुक्ति की कामना करें। कमलनाथ के हनुमान चालीसा के पाठ को कांग्रेस ने अब अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम का जवाब बना लिया है, और इसके लिए न सिर्फ कांग्रेस में कमलनाथ बल्कि कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी गई है।

Kamalnath Government

कमलनाथ को हनुमान भक्त बताते हुए कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कमलनाथ हनुमान भक्त हैं। इसी कारण उन्होंने छिंदवाड़ा में 101 फीट के हनुमान की प्रतिमा स्थापित की है। और अब प्रदेश के हालातों को लेकर वो चिंतित हैं। इसी कारण से four अगस्त को हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रदेश के विकास की कामना करेंगे। नरेंद्र सलूजा ने कांग्रेस नेताओं के राम भक्ति पर बीजेपी नेताओं के उठाए जा रहे सवालों पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के नेताओं को अपनी राम भक्ति का सर्टिफिकेट बीजेपी के नेताओं से नहीं चाहिए। कांग्रेस के नेताओं की पहल पर ही राम मंदिर निर्माण का रास्ता खुला है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव ने राम मंदिर निर्माण को लेकर पहल की थी, लेकिन अब कांग्रेस नेताओं की राम भक्ति पर बीजेपी के नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है।



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